National Technology day राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2021

national technology day 2021
national technology day 2021

वर्तमान समय प्रौद्योगिकी (Technology) का है, प्रत्‍येक व्‍यक्ति इस समय किसी न किसी प्रकार से प्रौद्योगिकी (Technology) से घिरा हुआ है। वर्तमान समय में हम काफी हद तक अपनी प्रत्‍येक जरूरतों को पूरा करने के लिए टेक्नोलॉजी पर निर्भर हैं। निर्भर हों भी क्‍यों नप्रौद्योगिकी के कारण ही हमारे दैनिक जीवन के बहुत सारे काम बेहतर होने के साथ-साथ आसान भी हो चुके हैं। इस प्रकार प्रौद्योगिकी प्रत्‍येक व्‍यक्ति की मदद कर रहा है।

यदि हमारे जीवन से प्रौद्योगिकीहटा दिया जाये अथवा प्रौद्योगिकी न हो तो हमारे दैनिक जीवन के साथ ही व्‍यापार, शिक्षा, चिकित्‍सा, दूरसंचार में बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा और जीवन काफी कष्‍टकारी हो सकता है। प्रौद्योगिकी का देश के लगभग प्रत्‍येक क्षेत्र में जीवन को आसान बनाने और विकास करने के लिए बहुत योगदान है, प्रौद्योगिकी के योगदान को देखते हुए ये कहना गलत नहीं होगा कि किसी भी देश या देश के व्‍यक्तियों के विकास के लिए प्रौद्योगिकी की अत्‍यधिक आवश्‍यकता है। भारत भी प्रौद्योगिकी को उच्च स्तर पर पहुंचाने में लगा हुआ है। प्रौद्योगिकी को प्रोत्‍साहित करने के उद्देश्य  से ही देश के केंद्रीय मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस (National Technology day) का आयोजन किया जाता है।

पोखरण 2 – ऑपरेशन शक्ति

भारतीय परमाणु अनुसंधान विभाग का पोखरण 2 – ऑपरेशन शक्ति, स्‍माईलिंग बुद्धा के बाद दूसरा परमाणु परीक्षण था जो 11 मई और 13 मई 1998 को पोखरण में किया गया। 11 मई 1998 को तीन परमाणु बमों का एक साथ परीक्षण किया गया था, परीक्षण के दौरान आस-पास के क्षेत्रों में 5.3 रिएक्टर स्केल तक का भूकंप दर्ज किया गया था।

इस परीक्षण को भारत के अनुसंधान विभाग द्वारा ऑपरेशन “शक्ति” नाम दिया गया था।  2 दिन बाद 13 मई 1998 को दो और परमाणु बमों का परीक्षण किया गया था।

इन परमाणु परीक्षण के बाद जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका सहित अन्‍य प्रमुख देशों द्वारा तीखी प्रतिक्रिया के साथ ही भारत के विरुद्ध विभिन्न प्रकार के प्रतिबंध लगाया गया था। किन्‍तु इजरायल ही एकमात्र ऐसा देश था, जिसने भारत के द्वारा किये गये इन परीक्षण का समर्थन किया गया।

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National Technology Day राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस कब मनाया जाता

भारत में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस (National Technology Day) वर्ष 1999 से प्रतिवर्ष 11 मई को मनाया जाता है। 11 मई 1998 को पोखरण में सफलतापूर्वक परमाणु परीक्षण के साथ ही भारत परमाणु शक्ति संपन्‍न देश हो चुका था। इस उपलब्धि को हासिल करने पर भारत के प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी द्वारा 1999 से राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस (National Technology Day) मनाने की घोषणा की गयी। चूंकि 11 मई को भारत ने अपने सबसे ताकतवर परमाणु परीक्षण में सफलता हासिल की थी, इसलिए इस उपलब्धि वाले दिन को यादगार बनाये रखने के लिए ही प्रतिवर्ष 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया जाता है और इस दिन विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विभिन्न व्यक्तियों और उद्योगों को पुरस्कार भी दिया जाता है।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस की थीम National Technology Day Theme

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाये जाने के लिए प्रतिवर्ष टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड (TDB) एक विशिष्ठ थीम का चुनाव करती है और इसी थीम को आधार मानकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया जाता है।

विगत वर्षों में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस की थीम कुछ इस प्रकार रही है –

वर्ष 2013 “इनोवेशन-फर्क पैदा करने में”

वर्ष 2014 – “भारत के लिए समावेशी अभिनव”

वर्ष 2016   “स्टार्टअप इंडिया के टेक्नोलॉजी इनेबलरर्स”

वर्ष 2017 “समावेशी और सतत विकास के लिए प्रौद्योगिकी”

वर्ष 2018 “एक सतत भविष्य के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी”

वर्ष 2019 “साइंस फार पीपुल, पीपुल फार साइंस”

वर्ष  2020 “रीबूटिंग द इकॉनमी थ्रू साइंस, टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च ट्रान्सलेशन्स टाइटल्ड”

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